ॐ
सनातन ज्ञान सागर The Ocean of Eternal Wisdom
ॐ
NAKSHATRA BHAJAN

देवा श्री गणेशा

देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा।

ज्वाला सी जलती है आँखों में जिसके भी दिल में तेरा नाम है।

परवाह ही क्या उसका आरंभ कैसा है और कैसा परिणाम है।

धरती अंबर सितारे, उसकी नज़रे उतारें।

डर भी उससे डरा रे, जिसकी रखवाली रे, करता साया तेरा।

तेरी भक्ति तो वरदान है, जो कमाए वो धनवान है।

बिन किनारे की कश्ती है वो, देवा तुझसे जो अंजान है।

वीर को क्या डराए, मौत भी क्या मिटाए।

जो तेरे काम आए, उसकी तो शान है।

🙏

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