अच्युतं केशवं कृष्ण दामोदरं,
राम नारायणं जानकी वल्लभम्॥
कौन कहते है भगवान आते नहीं,
तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं॥
कौन कहते है भगवान खाते नहीं,
बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं॥
कौन कहते है भगवान सोते नहीं,
माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं॥
कौन कहते है भगवान नाचते नहीं,
गोपियों की तरह तुम नचाते नहीं॥
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